युवा पीढ़ी को साहित्य, संस्कृति और भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता : अनिल सक्सेना 'ललकार
झालावाड़, 19 जुलाई। 21वीं सदी के राजस्थान साहित्यिक आंदोलन के अंतर्गत रविवार को मुकुन्दरा रिजॉर्ट में आयोजित "झालावाड़ साहित्यिक संवाद-2026" में वरिष्ठ पत्रकार, लेखक एवं साहित्यकार अनिल सक्सेना 'ललकार' ने कहा कि नई पीढ़ी को साहित्य, संस्कृति और भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि साहित्य समाज का केवल दर्पण ही नहीं, बल्कि उसका पथप्रदर्शक भी है। कार्यक्रम का शुभारंभ बकानी की लेखिका अदिति शर्मा द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। इसके पश्चात राजस्थान मीडिया एक्शन फोरम के कोटा संभाग प्रभारी किशन रतनानी ने आंदोलन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2010 में अनिल सक्सेना 'ललकार' द्वारा प्रारंभ किया गया 21वीं सदी का राजस्थान साहित्यिक आंदोलन पिछले सोलह वर्षों से राजस्थान मीडिया एक्शन फोरम के तत्वावधान में संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के माध्यम से प्रदेशभर में साहित्य, संस्कृति, भारतीय ज्ञान परंपरा तथा सामाजिक चेतना के संवर्धन के लिए निरंतर साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। मु...