*नए दृष्टिकोण वाले शिविर* *का हुआ शुभ* *समापन
झालावाड़ 30अप्रैल न्यूज़ टाइम्स झालावाड़
झालावाड़ के राधा रमण प्रांगण में 25 अप्रैल से चल रहे 6 दिवसीय नए दृष्टिकोण वाले शिविर का आज अंतिम सत्र रहा।
शिविर के 6 दिनों में कुल 9 सत्र हुए जिनमें 6 सत्र परम पूज्य परम आलय जी ने लिए।
परम पूज्य आलय जी ने इन सत्रों के माध्यम से समझाया कि किस प्रकार हम छोटे छोटे प्रयोगों से स्वस्थ शरीर व स्वस्थ मन प्राप्त कर सकते हैं। उनके अनुसार यदि हम स्वयं को जानना चाहते हैं और जीवन में कुछ बड़ा करना चाहते हैं तो हमें हमारे भोजन की शुद्धता का ध्यान रखना होगा।
परम आलय जी ने कहा कि हमारा शुद्ध भोजन ही हमारी शुद्ध ऊर्जा को जागृत कर पाएगा और तब ही हम हमारे जीवन को सफल बना पाएँगे, मानव जीवन ईश्वर कि अनुपम कृति हैं जिसे पूर्णरूप अनुसाशन से शुद्ध रखना हमारा दायित्व है।
शिविर में परम आलय जी ने नाभि झटका प्रयोग, सूर्य व चंद्र नाड़ी का महत्त्व, संबंधों में किस प्रकार हार्मनी हो तथा जीवन में नियमित साधना का महत्व आदि को वैज्ञानिक पहलुओं से जोड़कर समझाया।
शिविर में सभी 9 सत्रों में नगरवासियों ने बड़े उत्साह व अनुशासन से भाग लिया। लगभग 4000-5000 लोगों ने प्रतिदिन शिविर का आतिथ्य स्वीकार किया। सुबह के 6 सत्रों में स्वास्थ्य व चेतना को जगाने वाले पौष्टिक अदृश्य नाश्ते का भी आनंद सभी ने लिया।
झालावाड़ शहर में स्वास्थ्य की चेतना को जगाने में इस शिविर की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही। झालावाड़वासी परम मित्रों ने 2028 में पुनः शिविर आयोजित करने के लिए परम पूज्य परम आलय जी से विनती करी। झालावाड़ की ऊर्जा को देखते हुए स्वीकार होने की प्रबल सम्भावना है।

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